अधिकारी अपने कार्य के साथ-साथ बीएलओ के कार्य का पर्यवेक्षण करें-कलेक्टर श्रीमती गुप्ता

कलेक्टर श्रीमती गुप्ता ने दिए जिला अधिकारियों को निर्देश
अधिकारी अपने कार्य के साथ-साथ बीएलओ के कार्य का पर्यवेक्षण करें
शिवपुरी, 11 जून 2018/ कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने जिले में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है, पुनरीक्षण कार्य के पर्यवेक्षण हेतु नियुक्त सुपरवाईजर (जिला अधिकारी) को निर्देश दिए गए है कि वे अपने विभागीय कार्य के साथ-साथ उन्हे आवंटित 10 केन्द्रों का पर्यवेक्षण कर मतदाता सूची के अपडेशन के कार्य की समीक्षा कर प्रतिदिन उसका प्रतिवेदन भी दें।
श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने उक्त आशय के निर्देश आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में मतदाता सूचियों के बीएलओ द्वारा किए जा रहे पुनरीक्षण कार्य के सुपर वीजन हेतु नियुक्त जिला अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में उपजिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव जैन सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार 15 मई से मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य घर-घर जाकर बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारियों) द्वारा किया जा रहा है। इस कार्य के पर्यवेक्षण हेतु जिला अधिकारियों को सुपरवीजन का कार्य भी सौंपा गया है। प्रत्येक अधिकारी अपने कार्य के साथ-साथ उन्हें आवंटित 10 मतदान केन्द्रों का बीएलओ द्वारा मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य का अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षण के दौरान यह भी देखे कि ऐसे मतदाता जिनकी मृत्यु हो गई है, शिफ्ट हो गए है और अनुपस्थित है, उनके नाम काटने हेतु मतदाता के परिवार का कथन तथा पड़ौसी का कथन बीएलओ द्वारा लिया गया है या नहीं इस बात का भी पर्यवेक्षण के दौरान ध्यान दें। पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा कवर किए गए कम से कम 20 प्रतिशत परिवारों की रेण्डम जांच भी सुनिश्चित करें।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि डोर टू डोर सर्वे में नाम काटने के संबंध में बीएलओ निर्धारित फार्म 7 में जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही करेंगे। इस दौरान पंचनामा भी बनाया जाएगा। प्रत्येक मतदाता के नाम काटने की पृथक से फाईल भी संधारित की जाएगी। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर सर्वे में ऐसे मतदाता जिनकी मृत्यु हो गई है। किसी अन्य स्थान पर चले गए है या अनुपस्थित है। उनके नाम काटने की कार्यवाही स्थानीय लोगों के पंचनामा के आधार पर की जाए। फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र (ईपीक) का नम्बर एक से अधिक मतदाता के नाम से दर्ज न हो। एक मतदाता का फोटो अलग-अलग नाम से अन्य स्थानों पर न हो। इसका भी डोर टू डोर कार्य के तहत विशेष ध्यान रखा जाए।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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