अब अंधेरे मिसालों में हैं , औ उजाले सवालों में हैं …बुंदेली भवन में बुंदेली काव्यगोष्ठी …..

भोपाल: मिशन फ़ॉर मदर के द्वारा संचालित बुंदेली भवन में रविवार को बुंदेली काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया ! अध्यक्ष वरिष्ठ कवि प्रेम सक्सेना ने कविता सुनाई कि अब अंधेरे मिसालों में हैं, औ उजाले सवालों में हैं !

मुख्य अतिथि बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह बेबीराजा थे / विशिष्ट अतिथि प्रभात साहित्य परिषद के महासचिव डॉ अनिल शर्मा मयंक रहे जिन्होंने कहा कि कोई कमजोर कहता है

कोई कायर समझता है, मगर भारत की ताकत को सारा जग समझता है / मिशन फ़ॉर मदर व बुंदेली भवन के संस्थापक प्रवीण श्रीवास्तव ने माँ की आरती कराई औऱ अपनी बुंदेली कविता मोरो बबुआ मोरी जान है मोरी भीगी पलकन की शान है , सुनाई / वहीं सुनील तुक्कड़ ने कविता उनके घर जल रहे आज पचासों दीये, क्योंकि उनका काम हो गया बिना लिए दिए ,सुनाई/ डॉ अशोक गौतम बोले ,

कल तक जो इंसान भला था, आज बना हैवान, क्यों गर्भ में बेटी मार रहा है बन करके शैतान / युवा कवि शिवम सोनी बोले मेरा सलाम उन वीरों को जो देश की खातिर लड़ते हैं/ नवोदित कवि दीपक चौबे ने कहा किस किस से बचाऊं बेटी को, दादा से बचाऊं या चाचा से / गोष्ठी में राज्य शिक्षा केन्द्र से स्टेट कोर्डिनेटर रमाकांत तिवारी , पूर्व पार्षद रीता नामदेव, पीएन नामदेव, शैलेन्द्र रिछारिया ने भी कविता सुनाई/ संचालन डॉ अशोक गौतम ने किया औऱ आभार प्रवीण श्रीवास्तव ने व्यक्त किया/

Durgesh Gupta

Chief Editor

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