कृषि उपज मण्डी शिवपुरी में हुआ प्याज़ और लहसुन के भावान्तर योजना में घोटाला

कृषि उपज मण्डी शिवपुरी में हुआ प्याज़ और लहसुन के भावान्तर योजना में घोटाला

सचिव और योजना के प्रभारी के साथ सत्ताधारी दल के नेता ने मिलकर किया घोटाला

✍?के.के.दुबे✍?

शिवपुरी-प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को लाभ पहुंचाने हेतु भावांतार योजना प्रारंभ की थी किन्तु सरकारी नुमाइन्दे व्यापारियों और बडे किसानों के साथ मिलकर अपना हित साधने में कोई कसर नही छोड़ रहे है शिवपुरी कृषि उपज मंडी ने बड़े काश्तकारों और व्यापारियों के साथ मिलकर सरकारी धन को चूना लगाया जा रहा है।

बिना उपज के भावांतार योजना का लाभ लेने की तैयारी

जो बड़े किसान है बिना लहसुन प्याज़ की पैदावार किये भावांतार का लाभ लेने के लिए पहले तो व्यापारियों से सम्पर्क साधा और व्यापारी ने दो रुपये किलो के हिसाब से किसान से लेकर उसे उपज की रसीद दे दी फिर व्यापारी ने किसान से लिए दो रुपये किलो में से एक रुपये किलो के हिसाब से कृषि उपज मंडी में देकर मंडी की रसीद भी हासिल कर किसान को दे दी और व्यापारी ने किसान से दस हज़ार नगद लेकर उसके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से उसे दस हजार रुपये वापस कर दिये फिर किसान ने जो भावांतार योजना में पंजीयन करा रखा था तो अब व्यापारी और मंडी की मिलीभगत से किसान के हाथ मे योजना का लाभ लेने के लिए सभी दस्तावेज़ थे और सरकार की ओर से उसके खाते में 4 रुपये किलो की हिसाब भावांतार योजना की रकम आने का इंतजार है।

मंडी सचिव और भावांतार योजना प्रभारी की भी है घोटाले में संलिप्तता

सबसे बड़ा सवाल है ये है कि इस पूरे लगभग ढाई करोड़ के घोटाले को करने के लिए मंडी के छोटे कर्मचारियों को योजना को पतीला लगाने में सचिव और योजना के प्रभारी की भी सहमति अवश्य रही होगी।

भाजपा नेता की फर्म पर अस्सी हजार कुंटल प्याज़ की कटी रसीदे

एक सत्ताधारी दल के नेता की फर्म पर बिना माल ख़रीदे ही लगभग अस्सी हजार कुंटल प्याज़ की रसीदे बना दी गई जब इस मामले की सुगबुगाहट मंडी के वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो भोपाल और ग्वालियर से आई टीमों ने इस नेता से ख़रीदी गई प्याज़ किस गोदाम में रखी है ये पूछा तो नेताजी ने एलएंडटी धर्मकांटे पास किसी दूसरे व्यापारी के गोदाम में रखा माल दिखा दिया बताया ये भी जा रहा है कि मंडी सचिव के द्वारा इन टीमों को मैनेज भी किया गया है।

सही से हुई जाँच तो कई फर्मो के नाम भी होंगे उजागर

अगर इस घोटाले की जाँच सही होती है तो योजना के प्रभारी और मंडी सचिव के साथ शिवपुरी की कई फर्मों के साथ साथ डबरा की भी एक फर्म भी दोषी पाई जाने की संभावना बताई जा रही है।

शिवपुरी मंडी ने टैक्स घोटाले के दोषी को दी टैक्स वसूली की जिम्मेदारी

पूर्व में ज़िले की ही दूसरी मंडी में गेटपास घोटाला करने वाले एक कर्मचारी को टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी दी गई है बताया ये भी जा रहा है कि भोपाल से एक पत्र के माध्यम से लेख किया गया है भविष्य में इस दोषी कर्मचारी की ड्यूटी किसी भी टैक्स वसूली में नहीं लगाई जाए फिर भी सचिव महोदय द्वारा इनकी ड्यूटी टैक्स वसूलने पर लगाई गई, और कुछ व्यापारियों ने नाम ना उजागार करने की शर्त पर बताया कि इस कर्मचारी द्वारा हमसे टैक्स के रूप में 5% राशि वसूली गई है जबकि सरकारी ख़जाने में प्याज़ का 1% और लहसुन का 2% ही जमा किया गया है और इनके द्वारा टैक्स के रूप में मात्र 9 लाख रुपये जमा किये गए है और व्यापारियों से 45 लाख की वसूली हुई है।

मंडी सचिव ने नहीं किया फ़ोन अटेंड

जब इस मामले पर वर्जन लेने के लिए मंडी सचिव रविन्द्र शर्मा को उनके मोबाइल नंबर 8719091856 पर फ़ोन लगाया तो उनके द्वारा फ़ोन नही उठाया गया और भावान्तर योजना के प्रभारी रामकुमार शर्मा को फ़ोन लगाकर इस मामले पर जानकारी लेना चाही तो उनके द्वारा पहले तो गोलमोल जवाब दिया गया और बाद में कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं है।

अब देखना ये होगा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजना को इन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा पतीला लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है तो इन पर क्या कार्यवाही होती है या…….?

Durgesh Gupta

Chief Editor

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