कोलारस उपचुनाव में यशोधरा राजे को फ्रीहैण्ड मिलने की खबर हलचल

प्रत्याशी चयन से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में रहेगी अहम भूमिका
शिवपुरी: अभी तक कोलारस उपचुनाव से दूरी बनाकर चल रहीं प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की नाराजी सूत्रों के अनुसार अब दूर हो गई है और पार्टी ने उन्हें कोलारस उपचुनाव में फ्री हैण्ड देने का निर्णय लिया है। बताया जाता है कि दो तीन दिन में इसकी घोषणा हो जाएगी और यशोधरा राजे की प्रत्याशी चयन से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में मुख्य भूमिका होगी।

 सूत्र तो यह भी बताते हैं कि कोलारस उपचुनाव में भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार देवेंद्र जैन ने भोपाल जाकर यशोधरा राजे सिंधिया को मना लिया है। हालांकि इसकी अधिकृत रूप से पुष्टि होना अभी शेष है। विदित हो कि पूर्व विधायक देवेंद्र जैन एक जमाने में यशोधरा राजे सिंधिया के नजदीक थे, लेकिन कई वर्षों से उनके और यशोधरा राजे के राजनैतिक संबंधों में कड़वाहट बनी हुई थी। 

कोलारस उपचुनाव की घोषणा दो दिन पहले ही हुई है, लेकिन इसके पहले लगभग डेढ़ माह से भाजपा ने चुनाव में पूरी ताकत फूंक दी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कोलारस के कई दौरे हो चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, संगठन महामंत्री सुहास भगत आदि के भी अनेक दौरे हो चुके हैं। प्रदेश सरकार के अनेक कैबिनेट मंत्री, राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा भी कोलारस में डेरा डाले हुए है,

 लेकिन यशोधरा राजे सिंधिया का अभी तक कोलारस में कोई दौरा नहीं हुआ। यहां तक कि वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हुई। यशोधरा राजे के कोलारस न आने को उनकी नाराजगी से जोड़ा जा रहा है। बताया जाता है कि यशोधरा राजे सिंधिया कोलारस उपचुनाव में फ्री हैण्ड चाहती थीं और पार्टी द्वारा उनकी इस शर्त को न मानने से उन्होंने कोलारस उपचुनाव से दूरी बना ली, लेकिन भाजपा ने डेढ़ माह में जो कसरत कोलारस में की उससे पार्टी को इतना तो एहसास हो गया कि यशोधरा राजे के बिना कोलारस का चुनाव जीतना उनके लिए आसान नहीं होगा। 

उधर सूत्र बताते हैं कि टिकट के दावेदार देवेंद्र जैन ने भी पार्टी से कह दिया था कि यदि यशोधरा राजे कोलारस में प्रचार के लिए नहीं आईं तो उनकी चुनाव लडऩे में कोई दिलचस्पी नहीं है। इन कारणों से पार्टी में यशोधरा राजे की मान मनोबल शुरू हो गई और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लुकवासा के दौरे के दौरान इस तरह के संकेत मिले कि यशोधरा राजे सिंधिया उनके साथ लुकवासा आएंगी, परंतु लुकवासा मुख्यमंत्री तो आए, लेकिन यशोधरा राजे नहीं आईं। अब सूत्रों की खबर है कि यशोधरा राजे सिंधिया को मना लिया गया है और भाजपा टिकट के एक दावेदार ने अपना नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि भी की है।

कांटे से कांटा निकालने की रणनीति पर भाजपा!

कोलारस उपचुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुकाबले उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया को सामने खड़ा कर सूत्र बताते हैं कि भाजपा कांटे से कांटा निकालने की रणनीति पर काम कर रही है, क्योंकि चुनाव में कोई भी जीते और कोई भी हारे, लेकिन कहीं न कहीं महल अवश्य कमजोर होगा। भाजपा के लिए वैसे भी 2018 के आमचुनाव को देखते हुए सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को कोलारस में आईना दिखाना जरूरी है, क्योंकि यह उपचुनाव प्रत्याशियों से ऊपर उठकर एक मायने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच माना जा रहा है। 

अब कई नाम चर्चा में आए

राजनैतिक हल्कों में यशोधरा राजे सिंधिया को कोलारस उपचुनाव की कमान मिलने की खबर से उम्मीदवारी की दौड़ में अब कई नाम चर्चा में आए हैं। अभी तक पार्टी टिकट के लिए मुख्य रूप से पूर्व विधाय क देवेंद्र जैन, वीरेंद्र रघुवंशी और भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी का नाम लिया जा रहा था, लेकिन अब इन नामों में यशोधरा राजे सिंधिया के नजदीकी रामस्वरूप रावत रिझारी, आलोक बिंदल आदि का नाम भी जुड़ गया है।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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