नेशनल लोक अदालत 14 जुलाई को विद्युत प्रकरणों में मिलेगी छूट

शिवपुरी, 23 जून 2018/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के आदेशानुसार एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री आर.बी.कुमार के दिशा निर्देशन में 14 जुलाई 2018 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में आपराधिक शमनीय प्रकरण, बैंक रिकवरी के प्रकरण, मोटर दुर्घटना, दावा अधिकरण, श्रम विवाद, विद्युत एवं जलकर संबंधी प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण प्रकरण, सर्विस संबंधी प्रकरण एवं न्यायालय में राजीनामा योग्य लंबित अन्य प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। 14 जुलाई 2018 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 आश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट प्रदान की जाएगी।
प्रिलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा अंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छिमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसी प्रकार कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छिमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एक मुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता अथवा उपयोगकर्ता का विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान ही करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। यह छूट मात्र वार्षिक नेशनल लोक अदालत 14 जुलाई 2018 में समझौता करने के लिए ही लागू होगी। अपराध शमन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार बसूल की जाएगी।

Durgesh Gupta

Chief Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *