पटवारियों के बाद राजस्व निरीक्षकों ने दी सरकार को हड़ताल की चेतावनी…

भोपाल। चुनावी साल में राजस्व अमले और सरकार के बीच चली आ रही तनातनी बढ़ती जा रही है। पटवारियों की हड़ताल के बाद अब राजस्व निरीक्षकों ने भी हड्ताल की चेतावनी दे दी है। राजस्व निरीक्षक संघ ने राज्य सरकार को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि नामांकन का प्रकरण अपने आप में विवादित प्रकरण है। इसका निराकरण समय सीमा में होना संभव नहीं है। इसलिए इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम से बाहर किया जाए। साथ ही समय सीमा का बंधन खत्म किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में मांग नहीं मानी तो फिर सीमांकन का काम बंद कर दिया जाएगा।

राजस्व निरीक्षक ने सरकार को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि निरीक्षकों पर काम का दबाव होने की वजह से वे समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं। सीमांकन स्वयं एक विवादित मामला होता है। जिसमें कई पक्षकारों के बीच विवाद होता है। एम साथ सीमांकन के अनेकों आवेदन सक्रिल में आने से निर्धारित समय सीमा में निराकरण होना संभव नहीं हो पाता है। सरकार ने निरीक्षकों को सरकार के अन्य विभागों के दायित्व भी सौंप रखें हैं। इसलिए सीमांकन को लोक सेवा गांरटी से बाहर किया जाए।

आरआई संघ की धमकी

राजस्व निरीक्षक संघ के अध्यक्ष फिरोज अली ने प्रमुख सचिव राजस्व को सौंपे आवेदन में बताया कि सीमांकन में ईटीएस मशीन से सीमांकन की अनिवार्यता खत्म करें। एक तहसील में एक मशीन है। आरई भी प्रशिक्षित नहीं है। प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति न की जाए। पर्याप्त मशीनों के आने पर ही मशीन से सीमांकन अनिवार्य किया जाए। डिजिटाइज्ड नक्शे त्रुटिपूर्ण अपलोड कर दिए हैं, भूमि का रकबा बदल दिया है। जिससे सीमांकन नहीं हो पाता है। विवाद की स्थिति बनती है। डिजिटाइज्ड सीट का बंदोबस्त सीट से मिलान कर नक्शे की बदर सूची तैयार कराई जाकर नक्शे में सुधार किया जाए। सीमांकरन के प्रकरण में आरसीएमएस में तहसीलदार के पोर्टल में दर्ज होते हैं। अत: राजस्व निरीक्षक से केवल प्रतिवेदन लिया जाए तथा प्रकरण में अंतिम आदेश तहसीलदार ही पारित करें। आरआई ने मांग की है कि क्षेत्र पुस्तिका निकालने का खर्च 100 रुपए प्रति सीमांकन आता है, जबकि इसके लिए निरीक्षक को 50 रुपए का भत्ता मिलता है। यह भत्ता 2 हजार रुपए महीना किया जाए। पूर्व में मशीन के परिवहन के लिए 200 रुपए परिवहन भत्ता देने के आदेश दिए गए थे, लेकिन कहीं भी नहीं दिया जा रहा है।

हल्कों में काम से डरे आरआई

दरअसल राजस्व निरीक्षकों की सीमांकन बंद करने को लेकर दी गई चेतावनी के पीछे की वजह यह है कि हड़ताल पर जाने से पटवारियों से अतिरिक्त प्रभार वाले हलकों को छोड़ दिया है। ऐसे में आरआई को हल्कों की कमान सौंपी जा रही है। जिसका राजस्व निरीक्षक संघ के विरोध किया है कि वे हल्कों का काम नहीं करेंगे। हलकों की जिम्मेदारी से बचने के लिए आरआई ने सरकार को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।

…तो एक झटके में छिन जाएंगे नायब तहसीलदार के पॉवर

पिछले साल पटवारी एवं आरआई ने संयुक्त रूप से हड़ताल की थी, जिसमें शासन ने आरआई को नायब तहसीलदार के पॉवर देकर दोनों संघों में फूट डाली। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर एस्मा लगाकर पटवारियों की हड़ताल खत्म कराई। तब से लेकर पटवारी कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर पाए। आरआई जब भी हड़ताल पर जाने की चेतावनी देते हैं, सरकार नायब तहसीलदार के पॉवर वापस लेने की धमकी देती है, जिससे आरआई बैकपुट पर आ जाते हैं। इस बार राजस्व निरीक्षकों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। ऐसे में आरआई हड़ताल पर जाते हैं तो सरकार नायक तहसीलदार के अधिकारी वापस ले सकती हैं। यही कारण है कि हड़ताल को लेकर पटवारी संघ फैसला नहीं कर पा रहा है।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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