फर्जी समाज सेवी संस्थाओं का जिला है शिवपुरी

जहाँ जरूरत होती है वहाँ संस्थाये विल में छुप जाती है और प्रशासन की चमचागिरी के लिये तैयार रहती है संस्थाये

आखिर बैराड़ में 6 वर्षीय बच्ची से हुए दुष्कर्म के मामले में कोई संस्था नही आई सामने-सौरव भार्गव

शिवपुरी :- सौरभ भार्गव
9713252020

बैसे तो हमारा शिवपुरी जिला मध्यप्रदेश में एक शांती प्रिय जिला के रुप मे अपनी पहचान बनाये हुए है । हमारे जिले में करीब आधा सैंकड़ा से अधिक समाज सेवी संस्थाये संचलित है ।

लेकिन उनमें से ज़्यादातर संस्थाये प्रशासनिक चमचागिरी तक सीमित संस्था है या कुछ संस्थाये ऐसी है जिसमे बड़े बड़े धन्ना सेठ अपना नामंकन दर्ज कराकर उनको धकेलते है । अभी कुछ दिन पहले करैरा में एक पेट्रोल पंप ब्यबसायी के साथ लूटपाट हुई उसमें पुलिस द्वारा बड़ी फुर्ती से आरोपियों को पकड़कर सफलता प्राप्त की जिसमे पुलिस का कंट्रोल रुम में सम्मान हुआ और वह सम्मान के हकदार पुलिस थी ।

ऐसे ही एक घटना पिछोर के मेघना हत्याकांड के समय की है उसे ट्रेस करने के बाद शिवपुरी जिले में करीब हर तहसील में एम यू कुरैशी पुलिस अधीक्षक के समय सम्मान हुआ । यह दोनों ही मामले शायद प्रबुद्ध परिवारो से थे एवं इन परिवार के सेठो की संख्या भी जिले में अधिक है इसलिये सम्मान कार्यक्रम भी बनता है ।

लेकिन इस जिले में एक उत्सव हत्याकांड भी हुआ था उस दिन को याद करके आज भी अच्छे खासे के हाथ पैर फूल जाते है इस जिले में प्रशासन बैक फुट पर था उस समय तब इन्ही प्रबुद्ध लोगो ने इस जिले में पुलिस का बचाव तक नही किया था ।

लेकिन हमारा किसी घटना से कोई लेना देना नही था मात्र बैराड़ कस्बे की उस 6 वर्षीय बच्ची के साथ घटी घटना से था जिससे ऐसे समय दुष्कर्म हुआ जब पूरा देश कठुआ एवं उनाव में हुए ब्लात्तकर के मामले से सुलग रहा था । लेकिन शिवपुरी जिले की बैराड़ पुलिस की तत्परता से 24 घँटे में मामले का पर्दाफाश कर दिया गया एवं आरोपी को जेल भेज दिया गया ।

यह मामला इतना गम्भीर एवं ऐसे समय पर हुआ था जब देश भर में रेप को लेकर आग लगी हुई थी एवं बैराड़ में मामला ट्रेस नही होता तो शायद एक दो पुलिस कर्मी भी लाईन अटैच या सस्पेंड जैसी कार्यवाही की जद में आ सकता था । लेकिन पोहरी एस डी ओ पी अशोक घनघोरिया एवं बैराड़ टी आई ओ पी आर्य द्वारा स्वयं के कंधे पर भार लेकर मात्र पीड़िता द्वारा आरोपी के हुलिया के आधार पर आरोपी को पकड़ा एवं आरोपी ने जुर्म भी कबूल किया एवं वह 376 एवं पोस्को एक्ट में जेल में पहुँच चुका है ।

लेकिन आज पुलिस इस मामले को ट्रेस नही करती तो पक्का कोई ना कोई लाईन हाजिर जरुर होता । लेकिन मामला ट्रेस करने के बाद आखिर कोई समाजसेवी संस्थाये सामने क्यो नही आई । आखिर यह संस्थाये क्या मात्र धन्ना सेठो के लिये संचलित है । जिस तरह लूट,डकैती की प्रेस कॉन्फ्रेंस बड़े स्तर पर संचलित की जाती है मीडिया को पीले चावल सवेरे 7 बजे से बांट दिये जाते है लेकिन ऐसे सेंसेटिब मामले में बाकई पुलिस सम्मान की हकदार थी ।

इसलिये हमारे द्वारा देरी से सही पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडे,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य,एस एफ एल टीम,एस डी ओपी पोहरी अशोक घनघोरिया, बैराड़ टी आई ओ पी आर्य एवं समस्त स्टाफ सम्मान के हकदार थे आखिर बैराड़ पुलिस ने 24 घँटे में पीड़िता को न्याय दिलाया ।

*धन्यवाद एवं बधाई हो बैराड़ पुलिस*
*सौरभ भार्गव*
*9713252020*

Durgesh Gupta

Chief Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *