बुराड़ी डेथ मिस्ट्री- छह लोगों का पोस्टमॉर्टम पूरा, नहीं मिले हत्या के सबूत*

*?बुराड़ी डेथ मिस्ट्री- छह लोगों का ?पोस्टमॉर्टम पूरा, नहीं मिले हत्या के ?सबूत*

बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। घर से मिली डायरी और उसमें लिखी बातों को लेकर मामला और उलझ गया है। डायरी की लिखावट किसकी है, इसे लेकर तफ्तीश जारी है।

इधर, मारे गए 11 लोगों में से छह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन लोगों की मौत ‘लटकने’ से हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक जिन-जिन लोगों के पोस्टमॉर्टम हुए हैं, उनकी मौत की वजह लटकने की वजह से बताई जा रही है। गले पर स्ट्रगल के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।

पुलिस ने उस शख्स के परिजनों से भी पूछताछ की तैयारी की है जिसकी शादी मृतकों के परिवार में होनी थी। कॉल डेटा रिकॉर्ड्स और इंटरनेट की सर्च हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने यह भी बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि रात के 10.40 बजे घर में एक डिलिवरी बॉय खाना पहुंचाने आया था। उसके बाद अगले दिन सुबह में जब एक स्थानीय व्यक्ति उस घर में दाखिल हुआ और मौत की खबर लगी, इस दरम्यान उस घर से कोई व्यक्ति न तो बाहर गया और न कोई अंदर आया।

अमरीक सिंह नाम के एक पड़ोसी ने बताया कि परिवार की किराने की दुकान हर रोज सुबह छह बजे खुल जाती थी और तभी बंद होती थी जब गली में रहने वाले सारे लोग सोने चले जाते थे। उस दिन सुबह सात बजे तक दुकान नहीं खुली तो सभी को हैरत हुई।

अमरीक के पिता गुरचरण सिंह ने कहा, ‘दूध वाला दुकान के बाहर आया था। कुछ पड़ोसी वहां इकट्ठा हुए थे क्योंकि वैन का ड्राइवर बार-बार हॉर्न बजा रहा था। मैंने मेन गेट खोला और सीढ़ियों पर चढ़कर ऊपर गया तो मैंने जो कुछ देखा उससे दंग रह गया था।

मृतक परिवार के घर से मिली डायरी में 2017 से नोट्स लिखे जा रहे थे। डायरी में हाल ही में पट्टियां अच्छे से बांधनी हैं, शून्य के अलावा में कुछ भी न दिखे, रस्सी के साथ सूती चुन्नियां या साड़ी का प्रयोग करना है, सात दिन बाद लगातार पूजा करनी है, थोड़ी लगन और साधना से। अगर कोई जाए तो उसके अगले दिन फिर शुरू करेंगे, बेबे खड़ी नहीं हो सकतीं तो अलग कमरे में लेट सकती हैं, सबकी सोच एक जैसी होनी चाहिए, ये करते ही तुम्हारे आगे के काम दृढ़ता से शुरू होंगे। मद्धम रोशनी को प्रयोग करना है, हाथों की पट्टियां बच जाएं तो उसे आंखो पर डबल कर लेना, मुंह की पट्टी भी रूमाल से डबल कर लेना और रात्रि के 12-1 बजे के बीच क्रिया करना है। उसके पहले हवन करना है आदि बाते लिखी मिली है। क्राइम ब्रांच मामले की गहनता से जांच में जुटी है।

यहां देखें फोटो-http://v.duta

Durgesh Gupta

Chief Editor

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