मदद बैंक ने किया "कन्यादान यज्ञ", किये बिटिया के हाथ पीले

? *मदद बैंक ने किया “कन्यादान यज्ञ”, किये बिटिया के हाथ पीले….*
? *पिछोर में सम्पन्न हुआ विवाह यज्ञ,सेकड़ो लोगो ने दिया वर-वधु को आशीर्वाद…*

शिवपुरी ! “नर सेवा-नारायण सेवा”के लिए प्रयासरत सेवादारों के एक समूह “मदद बैंक” ने एक कन्या का कन्यादान यज्ञ कर उसके हाथ पीले किये।आयोजन पिछोर के कनकने मैरिज हाउस में बीती शाम सम्पन्न हुआ।इस आयोजन हेतु तमाम सेवभावियो ने मदद बैंक के आव्हान पर आर्थिक व आवश्यक समान की आहुति दी।कार्यक्रम में मदद बैंक के तमाम सेवादार उपस्थित रहे।

*विदित* रहे कि आठ माह पूर्व 31 मई 2017 को पिछोर की एक कन्या सरस्वती (प्रीति) का विवाह ओरछा में रामराजा सरकार के मंदिर में हसी खुशी सम्पन्न हुआ था।विदाई के बाद जब कन्या ससुराल में दरवाजे पर पहुची तो घर की लाइट खराब थी जिसे सुधार कर दुल्हन का गृहप्रवेश कराने की मनसा से दूल्हा खुद छत पर चला गया। लाइट ठीक करते समय ही उसे करंट लगा और मोके पर ही उसकी मृत्यु हो गयी।

शोक में बदली खुशी की घड़ियों के बाद दोनों ही घरों में मातम पसर गया और कन्या पक्ष दुल्हन को वापस घर ले आया।तत्कालीन समय भी यह दुखद घटना इस क्षेत्र में चर्चाओं का विषय बनी रही

8 महीने बाद इस परिवार में फिर खुशी की घड़ियां आई और उसी कन्या का विवाह पुनः तय हो गया किन्तु आर्थिक तंगी के दौर से बुरी तरह जूझ रहे इस परिवार को यह विवाह पहाड़ जैसा नज़र आने लगा। विवाह की तिथि नज़दीक आती जा रही थी और विवाह की आमंत्रण पत्रिका तक नही छप स्की थी।
ऐसे में सेवभावियो के एक समूह “मदद-बैंक” ने इस विवाह का जिम्मा उठाते हुए सोशल मीडिया पर “कन्यादान यज्ञ”शुरू किया।देखते ही देखते इस यज्ञ में आर्थिक व सामान की आहुति देने बाले सेवभावियो की कतार लग गयी।
बीती शाम 20 अप्रेल को पिछोर के कनकने मैरिज हाउस में टेकरी सरकार की अनुकम्पा से एक भव्य विवाह समारोह का आयोजन किया गया जिसमें कन्यादान की रस्म अदा की गई।इस कन्यादान यज्ञ में मदद बैंक के सेवादारों द्वारा सेवभावियो के सहयोग से जुटाई गई राशि से दुल्हन को सोने के आभूषण,संकल्प दान के तहत सोफा सेट,अलमारी,कूलर,वाशिंगमशीन,डबल बेड गद्दे,सहित अन्य तमाम गृहस्थी में आवश्यक सामग्री तो दी ही गयी,साथ ही उपस्थित लोगों के भोजन का भी भरपूर प्रबन्ध किया गया।

मदद बैंक के आव्हान पर तमाम सेवभावियो द्वारा चांदी के आभूषण,साड़ियां,सुहाग सामग्री,मिक्सी,प्रेस,सहित अन्य सामग्री भी उपहारस्वरूप कन्या को भेट की गई।बारात के स्वागत के भी बेहतर इंतजामात करते हुए मिलनी की रस्म अदा की गयीं।
इस दौरान मदद बैंक के तमाम सेवादार पूरे समय उपस्थित रहे जिन्होंने वर-बधू को आशीर्वाद प्रदान किया।

? *छलक उठी दुल्हन सहित परिजनों की आंखे…..*
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मदद बैंक के सेवादारों द्वारा जब सम्पूर्ण सामग्री,जेवर,उपहार कन्यापक्ष के सुपुर्द किये जा रहे थे तो सभी की आंखे खुशी के आंसुओं से भर गयी। दुल्हन खुद मदद बैंक के सेवादार भाइयो को पाकर उनसे लिपट कर बिलख बिलख कर रोने लगी।यह दृश्य देख सारे परिजन व उपस्थित लोगों की आंखों में आंसू आ गए।मदद बैंक के सेवादारों ने जीवन भर इस रिश्ते की निभाने का आश्वासन देते हुए दुल्हन को आशीर्वाद भी दिया।

? *क्या है “मदद बैंक”….?*
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मदद बैंक के प्रमुख सेवादार बृजेश सिंह तोमर बताते हैं कि सेवभावियो के इस समूह के गठन का उद्देश्य “नर सेवा-नारायण सेवा” हेतु *”देवनहार कोई और है जो देवत दिन रेन,लोग भरम हम पे करे तासो नीचे नैन”* की भावना के अनुरुप किया गया है जिसमे सभी सेवादारों के प्रयासों से तन-मन-धन-दुआ-शेयर दान के माध्यम से किसी जरूरतमंद की मदद करने का प्रयास किया जाता है। यह मदद शोशल मीडिया या अन्य माध्यम से सेवभावियो से एकत्र कर एक कर्ज के रूप में जरूरतमंद तक पहुचाई जाती है जिससे उसे किसी के आगे हाथ फैलाने की आत्मग्लानि न हो। जरूरतमंद को यह बताया जाता है कि वह जीवन मे कभी भी सक्षम होने पर मदद बैंक के किसी अभियान में सहभागी बनकर अथवा अन्य किसी प्रकार से किसी की मदद कर इस ऋण को चुका सकता है।इस कर्ज की अदायगी का लेखा-जोखा ईश्वर देखेगा।

श्री तोमर बताते है कि इससे पूर्व भी “जीवनदान यज्ञ” के रूप में कई बड़े अभियान चलाए गए जो तमाम सेवाभावियो के आगे आने के कारण हर बार सम्पूर्ण हुए।आज के इस कन्यादान यज्ञ में भी इतने सेवाभावी उठ खड़े हुए कि बाद में उन सभी से उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुये संकल्प के तोर पर मात्र एक-एक रुपये की राशि स्वीकार की गयीं।उन्होंने कहा कि मदद बैंक का सपना सेवाभावियो का एक ऐसा समूह खड़ा करना है जिसमे किसी भी जरूरतमंद की मदद हेतु बून्द-बून्द से घड़ा अबिलम्ब भर जाये।उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी सेवाभावी जन सेवादार के रूप में इस समूह से जुड़ सकता है।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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