मध्य प्रदेश पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करे सरकार

चिराग गुप्ता

मध्य प्रदेश पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करे सरकार

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को दिया था आश्वासन , लिखा पत्र

देवरी पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एवं पत्रकारों पर हो रहे हमले को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मप्र पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करने का आश्वासन पत्रकारों को दिया था

पत्रकार सुरक्षा अधिनियम को लेकर जनसंपर्क विभाग द्वारा अधिमान्य पत्रकार एवं पत्रकार संगठनों से भी इस संबंध में अपने विचार मांगे थे विचार मिलने के बाद जनसंपर्क विभाग द्वारा विज्ञापन जारी कर पत्रकारों को यह बताया गया था कि पत्रकार सुरक्षा अधिनियम का प्रारूप तैयार हो गया है शीघ्र ही मध्यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू होना है

लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिसको लेकर पत्रकारों में काफी नाराजगी है उनका कहना है कि जो पत्रकार लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के रूप में जाने जाते हैं और शासन की योजनाओं के प्रचार प्रसार से लेकर उनके सही ढंग से क्रियान्वयन तक का कार्य करते हैं

वही इस कार्य को लेकर कई पत्रकारों पर हमले एवं जान भी गंवानी पड़ती है जिसके बाद भी सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकार सुरक्षा अधिनियम के आश्वासन के बाद कोई कार्यवाही नहीं की गई है जबकि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया गया है

पत्रकारों द्वारा विगत लंबे समय से आंदोलन भी किया गया जिसको देखते हुए सरकार द्वारा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की बात की गई थी इन सभी बातों को लेकर पत्रकारों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे एम पी वर्किंग जनर्लिस्ट यूनियन के जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया और कहा गया कि शीघ्र ही मप्र में पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करें अन्यथा पूरे प्रदेश में पत्रकारों द्वारा पुनः आंदोलन किया जाएगा

वही आपके द्वारा जो आश्वासन दिए गए थे जिसमें होम लोन ब्याज पर सब्सिडी परिवार में माता-पिता को हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ आर्थिक सहायता की राशि में वृद्धि आदि पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है वहीं जनसंपर्क विभाग द्वारा 29 मई 2018 को पत्र जारी कर बीमा कराने वाले पत्रकारों को आर्थिक सहायता देने से मना किया गया है जिसको लेकर भी पत्रकारों में काफी नाराजगी है

मध्य प्रदेश की शासन की योजनाओं को सही ढंग से गांव-गांव में पहुंचाने वाले पत्रकारों के साथ अन्याय हो रहा है चतुर्थ स्तंभ को ही शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित रखा जा रहा है जो जनता ली लड़ाई लड़ रहे है उनको ही अपनी मांगों के लिए आंदोलन करने पड़ रहे है

Durgesh Gupta

Chief Editor

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