रामजानकी मंदिर से करोड़ों रुपये का कलश उड़ा ले गए चोर,पुलिस ने माना चुनौती,किया ईनाम घोषित

*-घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारी,किया मौका मुआयना*

*-चोरी के विरोध में बंद रहे खनियाधाना के बाजार,सौंपा ज्ञापन*

शिवपुरी
खनियाधाना में राजमहल किले के भीतर स्थित 300 वर्ष पुराने ऐतिहासिक रामजानकी मंदिर के कलश को बीती रात अज्ञात चोरों ने चुराकर सनसनी फैला दी। यह कलश लगभग 50 किलो सोने के बजन का बताया जा रहा है जिसकी कीमत करोड़ों रुपयों में आंकी जा रही है। यह घटना खनियाधाना थाना क्षेत्र में घटित हुई है। स्टेट टाईम के इस मंदिर के कलश चोरी होने के विरोध में खनियाधाना वासियों ने आज अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हुए पुलिस से मांग की है कि वह जल्द से जल्द घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर कलश को बरामद करें। अन्यथा की स्थिति में उनके द्वारा प्रदर्शन किया जायेगा। उधर घटना की जानकारी लगते ही पुलिस कप्तान राजेश कुमार हिंगणकर मौके पर जा पहुंचे। जिन्होंने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए चोरों की तलाश में कई टीमें लगाकर आरोपियों पर 10 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजमहल किले के भीतर स्टेट टाईम का रामजानकी मंदिर है। इस मंदिर के ऊपर लगभग 50 किलो सोने के बजन का कलश स्थापित था। इस कलश को बीतीरात अज्ञात चोरों द्वारा चुरा लिया गया। शैलेन्द्र सिंह जूवेद जो कि खनियाधाना नगर पंचायत अध्यक्ष होने के साथ-साथ खनियाधाना राज परिवार के सदस्य भी है और वह इसी किले के दूसरे भाग में रहते है। जबकि एक भाग में मंदिर स्थित है। चोरी की इस घटना की जानकारी आज प्रात: के समय शैलेन्द्र सिंह जूवेद को उस समय लगी जब वे प्रात: लगभग 5 बजे सोकर उठे और उन्होंने बाहर आकर देखा तो मंदिर के ऊपर से कलश गायब था। मंदिर से कलश चोरी होने की खबर देखते ही देखते पूरे खनियाधाना में आग की तरह फैल गई और चंद मिनिटों के भीतर मंदिर परिसर में सैंकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। उधर मामले की जानकारी लगते ही तमाम पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। एसपी श्री हिंणगकर के निर्देशन में डॉग स्व्कॉड के साथ-साथ फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंच गए। डॉग स्व्कॉड को मंदिर की छत पर ले जाकर घुमाया गया। उसके बाद यह डॉग छत से नीचे आकर कस्बे के कुछ ऐरियों में घूमा लेकिन डॉग पुलिस को चोरों की गर्दन तक पहुंचाने में असफल रहा। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने मौके से कुछ निशान जरुर लिये है। पुलिस कप्तान राजेश कुमार हिंगणकर ने चोरी की इस बारदात को ट्रेस करने और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पिछोर एसडीओपी के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें घटित कर आरोपियों की तलाश में उतारते हुए इनके खिलाफ 10 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया है।
*ओरछा मंदिर के साथ-साथ चढ़ाए गए कलश*
खनियाधाना में राजमहल किले के भीतर स्थित रामजानकी मंदिर से कलश चोरी गए है। उस मंदिर के संरक्षक शैलन्द्र सिंह जूदेव पुत्र भानू प्रताप सिंह जूवेद ने बताया कि राजमहल का रामजानकी मंदिर ऐतिहासिक महत्व का मंदिर होने के साथ-साथ उनके पूर्वजों की आराधना स्थली रही है। इस मंदिर का निर्माण 300 वर्ष पूर्व कराया गया था। उन्होंने बताया कि ओरछा धाम के रामराजा मंदिर और खनियाधाना के रामजानकी मंदिर के कलश का निर्माण कराया गया था और मंदिरों की गुम्बत पर एक साथ सोने के कलश चढ़ाए गए थे।
*करोड़ों रुपए कीमती कलश,नहीं थे सुरक्षा के कोई इंतजाम*
मंदिर के सरंक्षक शैलेन्द्र सिंह जूदेव का कहना है कि रामजानकी मंदिर से चोरों ने करोड़ों रुपए के कलश को उड़ाया है। जबकि अगर सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो मंदिर के ऊपर करोड़ों रुपए के कलश होने के बाद भी यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। मंदिर परिसर में या मंदिर के बाहर न ही तो कोई सुरक्षा गार्ड तैनात था और न ही यहां सीसीटीव्ही कैमरे लगाए गए थे। मामला कुछ भी हो फिलहाल पुलिस ने इस मामले में शैलेन्द्र सिंह के कहे अनुसार एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।
*6 माह पूर्व मंदिर का हुआ जीर्णोउद्धार*
रामजानकी मंदिर से चोरी गए कलश के मामले में पुलिस प्रशासन चक्करघिन्नी नजर आ रहा है। शैलेन्द्र सिंह जूदेव ने बताया कि छ: माह पूर्व मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के लिए महाराष्ट के नादेेड़ से मजदूरों को बुलाया गया था। बताया जाता है कि जीर्णोद्धार के समय इन मजदूरों के द्वारा ही मंदिर के कलशों को उतारा गया था और बाद में इन मजदूरों ने ही कलशों को मंदिर के ऊपर गुम्बत पर स्थापित किया था। सूत्र बताते है कि उक्त मजदूरों से पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अपनी एक टीम मुम्बई की नादेड़ के लिए रवाना कर दी है।
*पूर्व में दो बार हो चुका है चोरी का प्रयास*
राजमहल के रामजानकी मंदिर से आज चोर कलश चुराने में सफल रहे है। बताया जाता है कि वर्ष 1983 में एक चोर गिरोह द्वारा मंदिर के कलश को चुराने का प्रयास किया गया था। लेकिन चोर उस समय अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए थे और चोरों को पकड़ लिया गया था। वर्ष 2006 में भी अज्ञात चोर गिरोह द्वारा कलश चुराने का असफल प्रयास किया गया था। इस घटना के दौरान चोर मौके पर चोरी करने में उपयोग आने वाली सामग्री रस्सी,गैंती सहित अन्य चींजे मौके पर भाग खड़े हुए थे। लेकिन आज चोरों ने मंदिर के कलश को चुराकर पुलिस के लिए कड़ी चुनौती पेश की है।
*इनका कहना है*
खनियाधाना में रामजानकी मंदिर से चोरों द्वारा कलश चुराए गए है। इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। साथ ही आरोपियों पर 10 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया गया है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफतार करने के प्रयास किए जा रहे थे।
*राजेश कुमार हिंणगकर*
*पुलिस अधीक्षक*
*शिवपुरी*

Durgesh Gupta

Chief Editor

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