लक्ष्मीकांत शर्मा की भाजपा में वापिसी से विदिशा की राजनीति गरमाई

भोपाल| सरकार की विकास यात्रा में पूर्व मंत्री एवं व्यापमं घोटाले के आरोपी लक्ष्मीकांत शर्मा की भागीदारी प्रदेश के राजनीतिक गलियारें में चर्चा का विषय बना हुआ है। विदिशा जिले में लक्ष्मीकांत शर्मा ने विकास यात्रा में दो कार्यक्रमों को संबोधित किया। वे कई गाड़ियों के काफिले के साथ विकास यात्रा में पहुंचे। लंबे समय से प्रदेश की सक्रिय राजनीति से दूर लक्ष्मीकांत शर्मा की संगठन एवं सरकार के कार्यक्रमों में धमाकेदार एंट्री से विदिशा जिले की राजनीति गर्मा गई है।

व्यापमं घोटाले मामले में जेल से रिहा होने के बाद लक्ष्मीकांत शर्मा सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन चुनाव से पहले अचानक लक्ष्मीकांत की सक्रियता ने भाजपा में खलबली मचा दी है। लक्ष्मीकांत ने विदिशा जिले में शनिवार को दो सभाओं को संबोधित किया। जिसमें अच्छी खासी भीड़ थी। लोग लक्ष्मीकांत का लंबा काफिले देखकर अचरज में पड़ गए। क्योंकि व्यापमं घोटाले में आरोपी बनाए जाने के बाद लक्ष्मीकांत के अगले विधानसभा चुनाव के टिकट पर भी सवाल उठ रहे थे। संगठन में चर्चा है कि पार्टी उनके भाई रमाकांत शर्मा को इस बार सिरोंज से टिकट देगी। अब लक्ष्मीकांत का सरकार की विकास यात्रा में काफिले के रूप में पहुंचना, शर्मा के शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। विदिशा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तोरण सिंह दांगी ने लक्ष्मीकांत शर्मा को कार्यकर्ताओं की डिमांड बताया है। तोरन के अनुसार लक्ष्मीकांत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उल्लेखनीय है कि व्यापमं घोटाले में जेल जाने के बाद भाजपा ने लक्ष्मीकांत शर्मा को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। पिछले साढ़ चार साल में यह पहला अवसर था जब लक्ष्मीकांत ने क्षेत्र में किसी कार्यक्रम में काफिले कि साथ पहुंचे।

एक हफ्ते पहले भगत से मिले रमाकांत

लक्ष्मीकांत शर्मा द्वारा काफिले के साथ विकास यात्रा में पहुंचने की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी, जब शर्मा के भाई रमाकांत शर्मा ने प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत से पिछले दिनों प्रदेश कार्यालय में मुलाकात की। संगठन सूत्रोंं ने बताया कि भगत ने कार्यकर्ताओं से भरे हॉले में रमाकांत से अलग से बात की। इसके बाद ही लक्ष्मीकांत तय रणनीति के तहत शनिवार को विकास यात्रा में पहुंचे।

पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी उनकी घर वापसी के संकेत दिए थे| उन्होंने दवा किया था कि लक्ष्मीकांत और राघवजी, दोनों ही जिताऊ उम्मीदवार हैं और पार्टी को उन्हें वापस लेना पड़ेगा

Durgesh Gupta

Chief Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *