वीडियो काॅन्फ्रेसिंग एवं लोक अदालत करने वाला मध्यप्रदेश सूचना आयोग देश का पहला आयोग-श्री आत्मदीप

वीडियो काॅन्फ्रेसिंग एवं लोक अदालत करने वाला मध्यप्रदेश सूचना आयोग देश का पहला आयोग-श्री आत्मदीप
आयोग ने ग्वालियर-चंबल संभाग की सभी लंबित अपीलों का किया निराकरण
शिवपुरी- राज्य सूचना आयुक्त एवं ग्वालियर एवं चंबल संभाग के प्रभारी श्री आत्मदीप ने कहा कि राज्य सूचना आयोग में ग्वालियर एवं चंबल संभाग की 2016-17 तक की सभी लंबित अपीलों का निराकरण किया जा चुका है। जबकि चालू वर्ष की अपीलों की सुनवाई का कार्य भी जारी है।
श्री आत्मदीप ने सर्किट हाउस शिवपुरी में आज बताया कि सूचना का अधिकार आम आदमी के लिए एक सशक्त माध्यम है। अन्य आयोगों की अपेक्षा राज्य सूचना आयोग को सबसे अधिक शक्तियां प्राप्त है। आयोग ने अपीलकर्ताओं को भी जानकारियां उपलब्ध कराई गई है। उन्हांेने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रति लोकसेवकों को जनता के प्रति उत्तरदायित्व बनाते हुए कार्य में पारदर्शिता लाना है। सूचना के अधिकार के तहत एफआईआर की भी प्रमाणित प्रति भी प्राप्त करने का अधिकार आवेदक को है। निर्धारित समय अवधि में एफआईआर की प्रति पुलिस को देना होगी। श्री आत्मदीप ने सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 6, 7 एवं 20 का उल्लेख करते हुए कहा कि 2005 में लागू यह एक ऐसा कानून है, जिसमें 13 वर्ष के बाद भी किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ है।
सूचना आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में आयोग द्वारा कई नवाचार किए गए है। जिससे सूचना प्राप्त करने वाले को तत्काल सुनवाई का मौका मिले। इसके लिए प्रदेश में लोक अदालतों का आयोजन किया गया। जो देश में पहली बार किसी राज्य में नहीं किया गया है। इसी प्रकार वीडियों काॅन्फे्रसिंग के माध्यम से भी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अपीलों की सुनवाई की गई है। इस प्रकार की सुनवाई से जहां आवेदक एवं शासकीय सेवकों को अनावश्यक रूप से भोपाल नहीं आना पड़ रहा है। जिससे धन एवं समय की भी बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर एवं चंबल संभाग के सभी जिलों में वे पहुंचकर कार्यशालाओं के माध्यम से सूचना के अधिकार अधिनियम की अधिक से अधिक जानकारी शासकीय सेवकों के साथ-साथ लोगों को भी प्रदाय की जा रही है। जिसके बेहतर परिणाम भी प्राप्त हो रहे है।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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