वैदिक संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न 

 

अक्षत आचार्य को मिला प्रथम पुरस्कार

शिवपुरी। सांइस कॉलेज में 7 जनवरी को पब्लिक पार्लियामेंट और वैदिक संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित वैदिक संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को रविवार को लाल कोठी में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अक्षत आचार्य और द्वितीय ज्योति अरोरा और तृतीय स्थान पर रहीं वंदना नामदेव को पुरस्कृत किया गया।

वहीं सांत्वना पुरस्कार के रूप में 27 छात्र छात्राएं पुरस्कृत हुईं। जिन्हें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मधुसूदन चौबे एवं ब्रजेश अग्निहोत्री एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सत्यसिद्धांत पुस्तक के लेखक आचार्य धर्मवीर जी मुमुक्षु के द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर आरती की। इसके पश्चात मौजूद अतिथियों का स्वागत समारोह आयोजित किया गया। जहां कार्यक्रम के संचालक अतुल शर्मा ने सभी अतिथियों का परिचय कराया और इसके पश्चात भगवान आर्यों को नामक गीत का गायन पब्लिक पार्लियामेंट के प्रमोद मिश्रा और वैदिक संस्थान के आचार्य योगेश शर्मा वैदिक ने अपने मधुर स्वर से किया। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने उदगार दिए।

जिन्होंने पब्लिक पार्लियामेंट और वैदिक संस्थान द्वारा किए गए कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आचार्य धर्मवीर ने उपस्थित प्रतियोगी छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए गुरूकुलीय परंपरा और आधुनिक परंपरा में अंतर बताते हुए कहा कि ब्रहमचारी शिक्षा लेते हैं तो शिक्षा लेना ही महत्वपूर्ण है न कि श्रृंगार करना।

जब एक ही गुरू से शिक्षा लेने वाले बालक और बालिकाएं गुरू की संतान और संतान होने के नाते परस्पर भाई बहन हुए फिर यह श्रृंगार करके विद्यालयों में आना किसके लिए। उन्होंने कहा कि परिवारों में बढ़ते परस्पर द्वेष और ईष्र्या के कारण बच्चों का भविष्य बिगड़ रहा है जिसे सुधारने के लिए शिक्षक और परिवारों को सुधारना होगा तब जाकर नई पीढ़ी सुधरेगी।

उन्होंने कहा कि वैदिक संस्थान  भारतीय संस्कृति का परिचय और नैतिक शिक्षा देने का कार्य कर रही है और उनके द्वारा जो परीक्षा आयोजित की गई उससे बच्चों को भारतीय संस्कृति से रूबरू होने  का अवसर मिला है और इससे बच्चों में ज्ञान की उत्पत्ति हो रही है। इस तरह के आयोजन जगह-जगह होने चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आचार्य योगेश शर्मा वैदिक ने आभार प्रदर्शन की रस्म निभाई।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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