शिवपुरी की दुर्दशा के बारे में लिखना नकारात्मक नहीं सकारात्मक पत्रकारिता : प्रमोद भार्गव

*स्व. पत्रकार जयकिशन शर्मा की श्रृद्धांजलि सभा में श्री भार्गव ने शिवपुरी की मीडिया की थपथपाई पीठ*

*-निर्भीक पत्रकारिता के पर्याय थे जयकिशन शर्मा*

शिवपुरी…..वरिष्ठ और जुझारू पत्रकार स्व. जयकिशन शर्मा की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रृद्धांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक प्रमोद भार्गव ने शिवपुरी की मीडिया की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की दुर्दशा के बारे में लिखना नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक पत्रकारिता है। सीवेज प्रोजेक्ट में दो दो बार सड़कें खोदी गईं और लाखों का भ्रष्टाचार किया गया, सिंध परियोजना का भ्रष्टाचार के कारण घटिया क्रियान्वयन हुआ है। 9 माह से अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे युवक को शिक्षा अधिकारी ने जेल पहुंचा दिया है वहीं स्वास्थ्य की हालत यह है कि शिवपुरी अस्पताल में 27 नए डॉक्टरों की पदस्थापना हुई है, लेकिन अभी तक एक ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। यहां न अधोसरंचना है और न ही विकास। मीडिया द्वारा इन कमियों को उजागर करना गलत कहां है। श्रृद्धांजलि सभा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने शिवपुरी की मीडिया से आग्रह किया कि वह यहां के बीस साल के आगामी विकास का खाका खींचे। इस अवसर पर पोहरी विधायक प्रहलाद भारती, मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष(राज्यमंत्री दर्जा) राजू बाथम,आलोक. एम. इंदोरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, नगर पंचायत कोलारस के अध्यक्ष रविंद्र शिवहरे, वरिष्ठ पत्रकार अशोक कोचेटा और जनसंपर्क अधिकारी अनूप भारती भी मंचासीन थे। इस अवसर पर लालू शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने उन्हें फोन पर स्व. जयकिशन शर्मा को याद कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने की बात कहीं।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में पत्रकार भार्गव ने शिक्षा और कथित योग्यता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देश के जाने माने पत्रकार रहे स्व. प्रभाष जोशी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी शिक्षा बहुत कम थी, लेकिन पत्रकारिता में उनके तेवरों में कोई कमी नहीं थी। जबकि आज पत्रकारिता के भले ही संस्थान खुल गए हों, लेकिन उनमें से कोई मौलिक बुद्धि का पत्रकार अथवा ऐसा पत्रकार जिसका अनुसरण करने की इच्छा हो निकलकर नहीं आ रहा है। कथित शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आज के राजनेता आईएएस अधिकारियों के साथ खड़े होने में गौरव महसूस करते हैं जबकि मेरा मानना है कि आईएएस अधिकारी कितना भी योग्य हो वह विधायक से योग्य नहीं होता। उन्होंने दूसरा उदाहरण देते हुए कहा कि शिवपुरी के जनप्रतिनिधियों में सबसे कम पढ़े लिखे पूर्व कृषि मंत्री दाऊ हनुमंत सिंह थे, लेकिन उनसे अधिक योग्य जनप्रतिनिधि शिवपुरी में कोई दूसरा नहीं हुआ। उनके पास मौलिक बुद्धि थी और सिंचाई परियोजना तथा मड़ीखेड़ा से पानी लाने की योजना उनके दिमाग की ही उपज थी। श्रृद्धांजलि सभा में पत्रकार बृजेश तोमर ने स्व. जयकिशन शर्मा के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला और उन्होंने कहा कि 12 जून 1965 को जन्मे जयकिशन शर्मा ने हमेशा समाज तथा आम आदमी की लड़ाई लड़ी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव ने कहा कि उन्हें स्व. जयकिशन शर्मा से काफी कुछ सीखने को मिला। वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद भार्गव ने कहा कि भ्रष्ट अफसरशाही के लिए जयकिशन शर्मा कालस्वरूप थे, लेकिन गरीब जनता के अधिकारों का जब भी हनन होता था तथा पत्रकारों के मान सम्मान पर आंच आती थी तो सबसे पहले जयकिशन शर्मा सामने आते थे। वरिष्ठ पत्रकार आलोक इंदोरिया ने कहा कि स्व. शर्मा जब एक बार कदम आगे बढ़ा लेते थे तो पीछे वापस नहीं लौटते थे। विधायक प्रहलाद भारती ने जयकिशन शर्मा को अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला पत्रकार बताया। वरिष्ठ पत्रकार अशोक कोचेटा ने कहा कि सिद्धांतों के लिए लड़ाई लड़ने में वह कभी अपने हित और अनहित की परवाह नहीं करते थे। जनसंपर्क अधिकारी अनूप भारती ने अपने उदबोधन में कहा कि श्री शर्मा ने हमेशा पत्रकारों की समस्याओं के लिए लड़ाई लड़ी है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने स्व. शर्मा को निर्भीक पत्रकारिता का पर्याय बताया। वक्ताओंं ने अपने उदबोधन में स्व. जयकिशन शर्मा के पुत्र केबी शर्मा लालू की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपने पिता के पदचिन्हों पर आगे चल रहे हैं और उनके बताए हुए रास्ते का अनुसरण कर रहे हैं। श्री लालू ने अपने उदबोधन में कहा कि उनके पिता उनके मार्गदर्शक रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन नेपाल सिंह बघेल ने किया। इस अवसर पर शहर के जनप्रतिनिधि पत्रकारगण अधिकारीगण गणमान्य नागरिक एवं अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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