सच्ची कहानी -किसानो के लिए वरदान साबित हुई कस्टम हायरिंग योजना

शिवपुरी-  राज्य सरकार द्वारा संचालित कस्टम हायरिंग योजना जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

कस्टम हायरिंग योजना के माध्यम से प्रगतिशील कृषक आधुनिक एवं उन्नत कृषि यंत्रों की इकाई का उपयोग कर जहां स्वयं अधिक कृषि उत्पादन ले रहे है, वहीं इन संयंत्रों को किराए पर लेकर छोटे एवं लघु कृषकों ने भी उत्पादन में वृद्धि की है। 
शिवपुरी जनपद पंचायत के मालखेड़ी के शिक्षित प्रगतिशील किसान श्री राजेश कुमार रावत जो समाजशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर है। उन्होंने शासकीय एवं निजी कम्पनियों में नौकरी करने की अपेक्षा कृषि को ही अपना व्यवसाय बनाया।
उन्होंने शासन की ‘‘कस्टम हायरिंग योजना’’ के तहत कृषि विभाग के माध्यम से 25 लाख रूपए के लागत की उन्नत कृषि यंत्रों की यूनिट के लिए बैंक से 15 लाख रूपए का फाइनेंस कराया है और 06 लाख 25 हजार रूपए की राशि उनके द्वारा स्वयं जमा की गई। इस योजना के तहत उन्हें 10 लाख रूपए का अनुदान भी मिलेगा।
श्री राजेश रावत ने बताया कि उन्नत कृषि यंत्रों की यूनिट के तहत दो ट्रेक्टर, रिवरसीवल प्लाऊ, एक कल्टीवेटर, एक रोटावेटर प्लांट (बोनी का संयंत्र), स्ट्रारिफर (भूसा बनाने की मशीन), जीरो सीड कम फर्टिलाईजर ड्रिल जैसे संयंत्र प्रदाय किए गए है।
उन्होंने बताया कि रोटावेटर प्रति घण्टे 800 रूपए की दर से, रिवरसीवल प्लाऊ से 600 रूपए प्रति घण्टे के मान से खेतो की जुताई, स्ट्रारिफर से एक हजार रूपए प्रति ट्राॅली, भूसा बनाने के लिए किराया लिया जा रहा है। श्री रावत ने बताया कि इन संयंत्रों का जहां वे अपने खेती व्यवसाय में उपयोग कर रहे है, वहीं स्थानीय लघु कृषकों को कम दर पर उन्नत कृषि यंत्रों का भी लाभ मिल रहा है।
जिससे ये किसान भी उन्नत संयंत्रों पर कम खर्च पर अधिक उत्पादन ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि उक्त संयंत्रों की यूनिट पिछले माह जिला मुख्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा प्रदाय की गई।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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