समर्थन मूल्य की खरीदी केंद्र से गेहू का परिवहन ना होने से खरीद व्यवस्था ठप, किसान परेशान

करैरा मण्डी मेँ करही केन्द्र पर गोदाम फुल होने से खरीद बंद

करैरा(शिवपुरी): तहसील करैरा एवं नरवर की गेहूं खरीदी केंद्रों पर गेहूं का परिवहन ना होने के कारण गेहूं का भंडारण केंद्रों पर ही किया जा रहा है इस कारण केंद्रों पर गेहूं विक्रय करने आ रहे किसानों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है केंद्रों पर जगह ना होने के कारण किसानों को गेहूं के बिक्रय में भारी समस्या आ रही है

खरीदी केंद्र प्रभारी गेहूं के परिवहन ना होने के कारण किसानों से गेहूं खरीदने में असमर्थता प्रकट कर रहे हैं इसके अतिरिक्त नल दमयंती विपणन सहकारी संस्था नरवर के चना, सरसों, मसूर, खरीदी केंद्र पर सरसों का वारदाना ना होने के कारण किसानों को भारी समस्या हो रही है

खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा गेहूं परिवहन एवं वारदाना ना होने के संबंध में जब बातचीत की गई तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जा रहा है कृषि उपज मंडी करैरा में दिहायला ,करही, सेवा सहकारी संस्था करैरा, व मार्केटिंग करैरा द्वारा खरीद की जा रही है उसमें से आज केवल दिहायला सोसाइटी की खरीद चल रही है

सभी गोदाम व टीन सेट फुल होने के कारण आज खरीदी नहीं हो सकी जानकारी के अनुसार अनुविभाग करैरा में 28000 मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है उल्लेखनीय है की मध्य प्रदेश सरकार गेहूं 1735 रुपए एवं प्रोत्साहन राशि ₹265 किसानों को प्रति कुंटल के हिसाब से दे रही है चना ₹4400 एवं सौ रुपए प्रोत्साहन राशि, मसूर 4200 एवं सो रुपए प्रोत्साहन राशि, सरसों ₹4000 एवं प्रोत्साहन राशि सो रुपए प्रति कुंटल किसानों की उपज का कीमत दी जा रही है

प्रोत्साहन राशि 10 जून के बाद किसानों के खाते में डाले जाएंगे

अनुविभाग करेरा में 17 संस्थाओं द्वारा समर्थन मूल्य की खरीदी की जा रही है जिनमें से सेवा सहकारी संस्था दिनारा, (मंडी करैरा), सेवा सहकारी संस्था टोडा पिछोर, सेवा सहकारी संस्था नरवर, विपणन सहकारी संस्था नरवर, सेवा सहकारी संस्था दिहायला, सेवा सहकारी संस्था करही, सेवा सहकारी संस्था करेरा, सेवा सहकारी संस्था समोहा, सेवा सहकारी संस्था टोडा पिछोर, करैरा अमोल पठा, में गोदाम भरे पड़े हैं परिवहन ना होने के कारण किसानों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

किसान अपनी उपज को नहीं बेच पा रहे हैं जनपद पंचायत करैरा की अध्यक्ष श्रीमती बती आदिवासी ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है

कि तत्काल परिवहन कराकर गोदाम खाली कराए जाएं, जिससे किसान अपनी उपज शीघ्र बेच सके उन्होंने यह भी कहा कि गेहू खुले मे टीन के नीचे रखा है कभी कोई दुर्घटना हो सकती है जिससे शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान हो सकता है इसलिये तत्काल परिवहन कराया जाए।

Durgesh Gupta

Chief Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *