सहरिया समाज, जनपद सदस्य एवं जनपद अध्यक्ष का सीईओ के खिलाफ धरना प्रदर्शन का आज पहला दिन संपन्न

 करैरा शिवपुरी: गत दिवस जनपद पंचायत करेरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर के गोस्वामी एवं सहरिया समाज से राजगढ़ क्षेत्र की जनपद सदस्य श्रीमती कुसुमा आदिवासी के साथ हुए अभद्र व्यवहार को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा एकतरफा कारवाई की गई, उसी को लेकर सहरिया समाज आक्रोशित है और अल्टीमेटम के तहत आज पुलिस सहायता केंद्र पर धरना प्रदर्शन दिया गया। धरना प्रदर्शन प्रदेश उपाध्यक्ष भगवानलाल उर्फ़ रघु भैया जिला पंचायत सदस्य ग्वालियर एवं संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष श्री लालजीत सिंह आदिवासी पार्षद शिवपुरी ने आकर मोर्चा संभाला। 

जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती बती आदिवासी एवं जनपद सदस्य नीरज लोधी, कप्तान पाल, मीरा जाटव सहित आदिवासी समाज की एक सेकड़ा से अधिक महिलाएं सम्मिलित होकर धरना प्रदर्शन किया। दिन भर सीईओ  मुर्दाबाद के नारे लगते रहे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रशासन ने जो पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की है उसको वापस ले एवं जनपद सदस्य कुसमा आदिवासी के आवेदन पर सीईओ के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। धरना प्रदर्शन के पहले दिन कांग्रेस के नेता के एल राय, रामजी दूबे धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने भी इस कृत्य की निंदा करते हुए दलित महिला को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग रखी । सहरिया आंदोलन राजनीतिक रूप लेता जा रहा है, प्रशासन के नुमाइंदे इस धरना प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए सुलह करते रहे लेकिन जनपद सदस्य कुसमा आदिवासी ने सीईओ  के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी रही।  प्रशासन, जनपद अध्यक्ष के पटवारी पति पर भी दबाव बना रही है कि यह आंदोलन धरना प्रदर्शन समाप्त किया जाए लेकिन जनपद सदस्य कुसमा आदिवासी की सहयोगी सदस्य व समाज यह मानने को तैयार नहीं है ।उल्लेखनीय हे कि  गत दिवस कुसमा आदिवासी एवं जनपद पंचायत के सीईओ से वाद विवाद हो गया था उसी को लेकर सीईओ के आवेदन पर महिला सदस्य पर शासकीय कार्य में बाधा की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। यहां तक कि जनपद अध्यक्ष के पति के खिलाफ भी प्रकरण पंजीबद्ध किया गया जबकि जनपद अध्यक्ष एवं उनके पति प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह के कोलारस दौरे के दौरान साथ में थे। इसी बात को लेकर सहरिया समुदाय एवं जनपद अध्यक्ष ने प्रदेश के मंत्रियों मुख्यमंत्री जिला कलेक्टर सभी से नाराजगी व्यक्त कर कार्रवाई की मांग की है ।अब देखना यह है कि यह धरना-प्रदर्शन कितने दिनों तक चलता है या प्रशासन के दबाव के चलते खत्म किया जाएगा।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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