​जिन की पुलिस नहीं सुन रही, उनकी सुनवाई प्रोबोनो करेंगे

अब कानून से वंचित लोगों को प्रोबोनो देंगे कानूनी सहायता

शिवपुरी। जो लोग न्याय के लिए भटक रहे हैं या जिनकी पुलिस नहीं सुन रही है, उन्हें अब निराश होने की जरूरत नहीं है। उनकी कानूनी मदद प्रोबोनो करेंगे। इसके लिए उन्हें कानूनी झंझटों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

अदालतों में काम के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए भारत सरकार के न्याय विभाग एवं विधि एवं न्याय मंत्रालय ने प्रोबोनो की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य है हर गरीब, बेसहारा, लाचार, पीडि़त, न्याय से वंचित किसी भी अंतिम छोर के हर व्यक्ति को न्याय दिलाना। इसके लिए भारत सरकार के न्याय विभाग एवं विधि एवं न्याय मंत्रालय ने न्याय के लिए इच्छुक व न्याय से वंचित व्यक्ति या समुदाय या जनता के लिए प्रोबोनो एडवोकेट्स विधिक सहायता की व्यवस्था की है। न्याय पाने के लिए कोई भी व्यक्ति अपनी बात या केस या शिकायती आवेदन प्रोबोनो को सौंप सकता है। उस व्यक्ति का पूरा केस किसी भी अदालत में तहसील कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बिना किसी कोर्ट फीस या अन्य किसी प्रकार के न्याय शुल्क या वकील की फीस बगैर लड़ा जायेगा। स्वयं प्रोबोनो द्वारा सबसे पहले फरियादी का केस भारत सरकार के न्याय विभाग में दर्ज किया जाएगा। उसके बाद उस फरियादी के केस को परिपक्व करने हेतु प्रोबोनो द्वारा स्वयं न्यायायिक इन्वेस्टीगेशन;अनुसंधानद्ध कर सुनवाई की जायेगी और मीडियेशन या अन्य स्तर से केस को निराकृत करने का सर्वोत्तम प्रयास कर न्यायायिक आदेश जारी किया जायेगा। यदि प्रोबोनो द्वारा यह पाया जाता है कि केस मेच्योर यानि कि परिपक्व होकर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए,तब उस परिपक्व केस (इन्वेस्टीगेटेड) को उपयुक्त व उचित न्यायालय में भेजना आवश्यक है,तो अपने आदेश में इसका उल्लेख कर उचित व उपयुक्त न्यायायल में फरियादी का केस प्रोबोनो एडवोकेट द्वारा ड्राफ्ट कर पेश किया जाएगा और उसकी पैरवी की जायेगी। प्रोबोनो द्वारा दाखिल किसी भी न्यायालय में किसी भी केस की कोर्ट फीस या अन्य किसी प्रकार का न्यायालयीन शुल्क नहीं लगेगा, न वकील का शुल्क देना होगा। लेकिन टाइपिंग, फोटोकॉपी,स्केनिंग या इंटरनेट व आईसीटी व्यय या किसी मामले में नोटिस, समन या वारंट तामीली तक का डाक व्यय फरियादी को स्वयं देना होगा। भारत सरकार द्वारा प्रोबोनो एडवोकेट द्वारा दर्ज किये गए मामले में सारा व्यय स्वयं भारत सरकार उठायेगी एवं प्रोबोनो द्वारा केस में की गई हर कार्यवाही, हर प्रगति की रिपोर्ट, बयान दिए सुनवाई, इन्वेस्टीगेशन की रिपोर्ट भारत सरकार के न्याय विभाग को ई-मेल द्वारा या भारत सरकार के न्याय विभाग के पोर्टल पर संबंधित केस नंबर के खाते में अपलोड की जायेगी। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी नियम, निर्देश, समय-समय पर जारी आदेश यथानुसार बाध्य रूप से सभी को मान्य होंगे।

अनुसूचित जातियों,अनुसूचित जनजातियों, महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, कम आय वाले व्यक्तियों और विकलांग व्यक्तियों एसिड हमले, नशीली दवाओं के दुरूपयोग, मानव तस्करी के पीडि़तों, सभी प्रकार के दीवानी मामले (सिविल मामले) जेल के कैदियों के सदस्यों सहित हाशिए वाले लोग कुशल कानूनी सहायता और सलाह के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन प्रोबोनो को पंजीकृत (रजिस्टर्ड) डाक से भिजवाया जा सकता है। आवेदन में आवेदक अपना नामए पता जन्मतिथि, आधारकार्ड नम्बर दर्शाते हुए वह घटनाए समस्याए परेशानी जिसके लिए वह कानूनी सहायता चाहता है, सारांश दें। आवेदन के अंत में आवेदक द्वारा हस्ताक्षर (काली स्याही से नहीं) किए जाएं। यूं तो प्रोबोनो के कार्य क्षेत्र को किसी दायरे में बांधा नहीं गया है। लेकिन ग्वालियर-चंबल संभाग, भोपाल संभाग एवं इंदौर संभाग आदि के न्याय के जरूरतमंदों के लिए प्रोबोनो के रूप में नरेन्द्र सिंह तौमर, प्रोबोनो एडवोकेटए 42 गांधी कॉलोनी, मुरैना, मप्र में कार्यरत हैं। जिनका व्हाटस एप्प 9425738101    है।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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