अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को समय पर त्वरित लाभ पहुंचे, 97 प्रकरणो में एक करोड़ 39 लाख से अधिक की सहायता कलेक्टर

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को समय पर त्वरित लाभ पहुंचेअपर कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए बैठक में निर्देश
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 97 प्रकरणो में एक करोड़ 39 लाख से अधिक की सहायता
शिवपुरी- अपर कलेक्टर डॉ. अनुज रोहतगी ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 की जिला स्तरीय सतर्कता एवं मोनिटरिंग समिति की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की मंशा एवं अधिनियम के उद्देश्यों के अनुरूप अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पीड़ित व्यक्ति को समय पर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। 
अपर कलेक्टर डॉ.अनुज रोहतगी आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 की जिला स्तरीय सतर्कता एवं मोनिटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
अपर कलेक्टर डॉ.रोहतगी ने बैठक में बिन्दुवार अधिनियम की समीक्षा करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वर्गों के संरक्षण हेतु इस अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो एवं दोषी व्यक्ति के विरूद्ध सख्ती के साथ कार्यवाही की जाए। जिससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वर्गों पर होने वाले अत्याचारों पर रोक लग सके।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रकरणों में अनवेषण करते वक्त पूरी सतर्कता एवं सावधानी बरतें। उन्होंने जनजाति कार्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की जानकारी थाने वार देने के साथ-साथ पीड़ित व्यक्ति को दी गई राशि अपराधी के विरूद्ध की गई कार्यवाही से भी अवगत कराने के साथ-साथ प्रकरणों के निराकरण में जाति प्रमाण-पत्र के कारण आने वाली समस्याओ को दूर किया जाए।
इसके साथ-साथ संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारियों से संपर्क कर खण्डस्तरीय बैठक भी आयोजित करें।
बैठक में बताया गया कि एक अप्रैल 2018 से जून 2018 तक मध्यप्रदेश आकस्मिकता योजना अत्याचार निवारण के तहत 97 अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रकरणों में एक करोड़ 39 लाख 60 हजार की राशि राहत राशि के रूप में इन वर्गों के पीड़ितों को प्रदाय किए गए है।
जिसमें अनुसूचित जाति के 80 प्रकरणों में 1 करोड़ 19 लाख 35 हजार की राशि, जबकि जनजाति के 17 प्रकरणों में 20 लाख 25 हजार की राहत राशि प्रदाय की गई है। बैठक में बताया गया कि 07 प्रकरणों में सजा की कार्यवाही हुई है।
बैठक में सदस्यों ने सुझाव दिया कि ऐसे क्षेत्र जहां अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वर्गों पर प्रताड़ना के प्रकरण अधिक सामने आते है, उन क्षेत्रों में जनजागरूकता एवं चेतना शिविरों का आयोजन करें। इसके साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रावासों का भी भ्रमण किया जाए।
बैठक में जनजाति कार्य विभाग के प्रभारी जिला संयोजक श्री वी.के.माथुर, उपसंचालक श्री अनूप सिंह भारतीय, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव श्री चंद्रप्रकाश गोयल, राष्ट्रीय मानवाधिकारी अपराध नियंत्रण संगठन शिवपुरी के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र माथुर, अजाक्स के जिला अध्यक्ष श्री कमल कोड़े, उपपुलिस अधीक्षक अजाक्स श्री वी.पी.तिवारी सहित समिति सदस्यगण उपस्थित थे।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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