मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के किये जायेंगे प्रयास

भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है की राज्य सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग के लिए केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आयोग गठित करने और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने का अनुरोध किया जायेगा।

पिछड़ा वर्ग के युवाओं मंक प्रतिभा, क्षमता और योग्यता की कोई कमी नहीं है, इन्हें शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ मुहैया करवाई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने सागर के समीप ग्राम बामौरा में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग की 15 विभूतियों को म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 प्रदान किये।

साथ ही वर्ष 2017-18 म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिये चयनित पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सम्मानित किया। चौहान ने शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिये 5973 करोड़ रूपये की राशि आर्थिक सहायता और अनुदान के रूप में खर्च की है।

राज्य सरकार की यह कोशिश निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना में पिछले वित्त वर्ष में 111 करोड़ रूपये खर्च कर युवाओं को स्व-रोजगार से लगाया गया है।

श्री चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी, स्व-रोजगार योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की जानकारी देते हुए अपील की कि 7 मई को अपनी ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में जरूर शामिल हों।

उन्होंने श्रमिक बंधुओं से आग्रह किया कि विशेष ग्राम सभाओं में जाकर अपने पंजीयन का सत्यापन करायें और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना का भरपूर लाभ उठायें।

मुख्यमंत्री द्वारा महाकुंभ में म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 से कान्ति पटेल, श्रीमती आशा साहू, माया विश्वकर्मा, अलका सैनी, बबीता परमार, यमुना कछावा, प्रीति सेन, राजकुमारी कुसुम महदेले (जबलपुर), सूरज सिंह मारण, डॉ जे.के. यादव, राजेश दोडके, डॉ. भगवान भाई पाटीदार, काशीराम यादव और महेन्द्र कटियार को सम्मानित किया।

इन विभूतियों को पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रूपये, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र, शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। स्व. नारायण सिंह डागोर का मरणोपरांत पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी चन्द्रादेवी ने प्राप्त किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ललिता यादव ने समारोह की अध्यक्षता की।

सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर अभय दर्रे, बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक शैलेन्द्र जैन, पारूल साहू, हरवंश राठौर, प्रदीप लारिया, महेश राय, हर्ष यादव, म.प्र. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राधेलाल बघेल, पिछड़ा वर्ग तथा वित्त विकास निगम के अध्यक्ष प्रदीप पटेल एवं अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे

Durgesh Gupta

Chief Editor

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