नगर परिषद बैराड़ में कर्मचारियों की फर्जी भर्ती का मामला…

नगर परिषद बैराड़

शासन एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पंचायत कर्मचारियों के संविलियन पर रोक के बावजूद नगर परिषद द्वारा रचा जा रहा है संविलियन करने का षड्यंत्र।।।

बैराड़। शिवपुरी जिले की नगर परिषद बैराड़ मैं 4 वर्ष पूर्व भ्रष्टाचार पूर्वक एवं भाई भतीजावाद के चलते सी एम ओ एवं नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा अपने परिवार और रिश्तेदारों को फर्जी पंचायत कर्मचारी बता कर कर्मचारियों की भर्ती कर डाली।

फर्जी भर्ती कांड के खिलाफ समाजसेवी एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के अध्यक्ष माखन सिंह धाकड़ द्वारा एक जनहित याचिका माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर में प्रस्तुत की गई जनहित याचिका के चलते माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की डबल बैच द्वारा नगरीय निकाय के आयुक्त भोपाल से नगर परिषद बैराड में की गई फर्जी भर्ती के बारे में जानकारी लेकर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया ।

आयुक्त द्वारा शिवपुरी जिले के कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद पंचायत सीईओ और नगर परिषद सीएमओ बैराड की जांच कमेटी बनाकर पूरे प्रकरण की जांच करवाई गई जिसमें चार अधिकारियों की जांच समिति ने भी पंचायत कर्मचारियों के नगर परिषद में संविलियन को गलत बताते हुए किसी भी हाल में संविलियन नहीं होने की बात जांच रिपोर्ट में सौंपी।

जांच रिपोर्ट के आधार परसे माननीय उच्च न्यायालय का फैसला अभी लंबित है । पंचायत कालीन कर्मचारियों का परिषद मैं संविलियन की अवैधता होते हुए भी नगर परिषद बैराड़ के कर्ताधर्ता ओं द्वारा नगरीय प्रशासन आयुक्त जांच कमेटी एवं माननीय उच्च न्यायालय को ठेंगा दिखाते हुए अपनी मनमर्जी पूर्वक नगर परिषद द्वारा दिनांक 12 जून 2019 को विशेष सम्मेलन आयोजित कर बिंदु क्रमांक 6 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों से नगर परिषद द्वारा लिए गए कर्मचारियों के संविलियन किये जाने की स्वीकृति दिए जाने बाबत विचारार्थ।

मीटिंग में पार्षदों, अध्यक्ष, पीआईसी सदस्यों एवं सीएमओ द्वारा शासन एवं माननीय उच्च न्यायालय की आदेश को ताक पर रखकर संविलियन किये जाने का षडयंत्र दिया जा रहा है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त षड्यंत्र में करोड़ों रुपए की वसूली कर्मचारियों से की गई है और इस वसूली का पूरी परिषद द्वारा बंदरबांट किया जाएगा। देखते हैं जिला प्रशासन ए्वं नगरीय प्रशासन के उच्च अधिकारी भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजे बाद के खिलाफ कार्यवाही करते हैं या कार्यवाही के नाम पर कुछ और।।।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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