Happy basant panchami: 2018 , आज के करेंगे ये उपाए तो मिलेगी तरक्की , और जाने सबसे पहले किसने उड़ाई पतंग

आज के दिन करे ये उपाय तो मिलेगी तरक्की देंखे राशि

वृष राशि – चीज़ों को समझने और लम्बे समय तक याद रख पाने में समस्या होती है अतः इसको बेहतर करने के लिए हरे रंग की कलम माँ सरस्वती को अर्पित करें।

मिथुन राशि- मां को सफ़ेद अथवा पारदर्शी कलम अर्पित करने से निर्णयों को लेकर भ्रम का शिकार नहीं होंगे।

कर्क राशि- लाल रंग की कलम अर्पित करेंगे तो शिक्षा में बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सिंह राशि- मां को पीले रंग की कलम अर्पित करने से शिक्षा और विद्या बेहतर होगी।

कन्या राशि- इस राशी के जातकों को मां को नीले रंग की कलम चढ़ाना चाहिए। इससे अतिविश्वास को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

तुला राशि- इस राशी के लोग दिखावा और ग्लैमर में इतनी जल्दी फंस जाते हैं कि बाकी चीज़ों में ध्यान नहीं देते। इससे निपटने के लिए इनको काले रंग या नीले रंग की कलम मां को अर्पित करना चाहिए।

वृश्चिक राशि- अक्सर इस राशी के लोग शिक्षा और करियर में करना कुछ चाहते हैं और हो कुछ और जाता है। इसको बेहतर करने के लिए इनको मां को पीले रंग की कलम अर्पित करना चाहिए।

धनु राशि- जीवन के प्रारंभिक दौर की समस्याओं के कारण इस राशी के जातकों को मनचाही शिक्षा नहीं मिल पाती हालांकि ये अपना करियर ठीक कर ले जाते हैं। मां को लाल रंग की कलम अर्पित करने से इस समस्या से निजात मिलती है।

मकर राशि- कई काम करने के चक्कर में मामला बिगड़ जाता है। लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए इनको सफ़ेद या पारदर्शी कलम मां को समर्पित करना चाहिए।

कुम्भ राशि- बुद्धि बहुत तेज और अच्छी होती है पर करियर में लापरवाह होने के कारण उस जगह नहीं पहुंच पाते जहां उन्हें पहुंचना चाहिए। इसके लिए हरे रंग की कलम अर्पित करना उत्तम होगा।

मीन राशि- शिक्षा और प्रतियोगिता में बेहतर परिणाम के लिए मां को सफ़ेद कलम अर्पित करें।

सबसे पहले उड़ाई पतंग

भारत के कई त्यौहारों और पर्वों के साथ पतंग उड़ाई जाती है, लेकिन हम में से बहुत कम लोग ही जानते हैं कि भारत के अलावा कई देशों में भी पतंग उड़ाई जाती है। पतंग के इतिहास के बारे में अगर हम बात करें तो यह लगभग 2,300 वर्ष पुराना है। यह माना जाता है कि पतंग का आविष्कार ईसा पूर्व तीसरी सदी में चीन में हुआ था। दुनिया की पहली पतंग एक चीनी दार्शनिक मो दी ने बनाई थी। उस काल में पतंग टिशू पेपर और बांस की बनी होती थी। चीन के बाद पतंगों का फैलाव जापान, कोरिया, थाईलैंड, बर्मा, भारत, अरब और उत्तरी अफ्रीका तक हुआ।

 

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