देश के लिए मिशाल बनी IAS आरती डोगरा ,ट्रांसफर के बाद मिले भावुक मेसेज

देश के लिए मिशाल बनी IAS आरती डोगरा ,ट्रांसफर के बाद मिले भावुक मेसेज

दुर्गेश गुप्ता –

कुछ कर गुजरने की चाहत अगर आपके दिल में है तो आपके शरीर की वनावट आपकी कद काठी का छोटा या बड़ा होना आपकी कामयाबी में कोई रोड़ा नहीं बन सकती, ऐसी ही एक कहानी राजस्थान कैडर की आईएएस आरती डोगरा के बारे में बताने जा रहे है जिनका कद ३ फिट २ इंच इनकी कामयाबी में कभी आड़े नहीं आया !

राजस्थान में अपने स्वच्छता मॉडल ‘बंको बिकाणो’ से पीएमओ तक मुग्ध कर देने वाली उत्तराखंड के कर्नल पिता की बिटिया आरती डोगरा राजस्थान ही नहीं पूरे देश के प्रशासनिक वर्ग में एक नई मिसाल बन चुकी हैं।

Ias आरती डोगरा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई बार सम्मानित हो चुकी है

आरती डोंगरा जोधपुर डिस्कॉम का प्रबंध निदेशक भी रह चुकी है वह राष्ट्रिय और राज्य स्तर पर कई वार सम्मानित हो चुकी है उन्होंने सफलता की राह में कभी अपने कद को बाधक नहीं बनने दिया !

आरती जोधपुर डिस्कॉम प्रबंध निदेशक के पद पर रहने वाली पहली भारतीय महिला आईएएस अधिकारी रही ! पद ग्रहण करने के बाद कहा की जोधपुर में फिजूल खर्ची ,बिजली की बर्बादी पर नियंत्रण के लिए जूनियर इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर को जुम्मेदारी दी गई ! दूरदराज जहाँ बिजली नहीं थी वहा पर बिजली पहुंचाने के प्रयास उनके द्वारा किये गए !बिजली बचत को लेकर जोधपुर डिस्कॉम एनर्जी एफिशियेंसी सर्विस लिमिटेड द्वारा उन्होंने ३ लाख २७ हजार ८१९ led बल्ब का वितरण भी करवाया था जिससे बिजली की खपत काफी हद तक कम हुई !

आरती के माता पिता को उनके जन्म के समय डॉक्टरों ने साफ कह दिया था उनकी बच्ची असामान्य है और वह सामान्य स्कुल में नहीं पढ़ पायेगी ! लेकिन उनके माता पिता ने सामान्य स्कूल में डाला, लोगो के इतना कहने के बावजूद भी उनके माता पिता ने किसी और बच्चे में बारे में सोचा तक नहीं !

उन्होंने कहा हमारे सपनो को पूरा करने के लिए हमारी एक ही बच्ची काफी है व्ही हमारे सपनो को पूरा करेगी ! आरती की पढाई देहरादून के बेल्हम गर्ल्स स्कूल में हुई थी इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविधालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स में स्नातक किया !

इसके बाद पोस्ट ग्रेजुऐशन के लिए वापस देहरादून चली गई ! वहा उनकी मुलाकात आईएएस मनीषा से हुई जिन्होंने उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया ! आरती उनसे मिलते के बाद इतनी प्रेरित हुई !

उनके अंदर भी आईएएस बनने का जूनून पैदा हो गया ! उन्होंने जमकर मेहनत की और अपने पहले ही प्रयास में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार भी पास कर लिया !

आरती ने ये साबित करके दिखा दिया दुनिया आपके बारे में कुछ भी सोचे अगर आपका मजबूत इरादा है तो कामयाब होने से दुनिया की कोई भी ताकत आपको रोक नहीं सकती !

कृपया कमेंट में लिखे आईएएस आरती डोगर (रियल हीरो) की कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है। स्टोरी अच्छी लगी तो लाइक और शेयर करे।

Durgesh Gupta

Chief Editor

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