भारत की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी प्रोडक्ट पर 200% कस्टम ड्यूटी बढ़ाई

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पुलवामा अटैक के चलते मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छिनने के बाद भारत ने पाकिस्तान को दूसरा झटका दिया है. भारत ने अब पाकिस्तान से निर्यात किए जाने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 200 फीसदी तक बढ़ा दी है. इस एक्शन के बाद अब पाकिस्तान को भारत की ओर से निर्यातित उत्पादों पर पहले से ज्यादा टैक्स देना होगा.

भारत, पाकिस्‍तान को टमाटर, गोबी, चीनी, चाय, ऑयल केक, पेट्रोलियम ऑयल, कॉटन, टायर, रबड़ समेत 137 चीजों का प्रमुख रूप से निर्यात करता है. इसे अटारी-बाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान को निर्यात की जाती है. भारत के इस ऐतिहासिक फैसले से पाकिस्तान द्वारा भारत को निर्यात किए जाने वाले 48.8 करोड़ डॉलर के सामान पर असर पड़ सकता है.

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट किया, ‘पुलवाम अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया है. एमएनएफ स्टेटस छीने जाने के बाद पाकिस्तान एक्सपोर्ट किए जाने वाले सभी उत्पादों पर तत्काल प्रभाव से 200 प्रतिशत तक कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जा रही है.”

बता दें कि भारत ने पाकिस्तान से 2017-18 में 48.8 करोड़ डॉलर का आयात किया था, जबकि 1.92 अरब डॉलर का निर्यात किया था. इससे पहले 2016-17 में दोनों देशों के बीच  2.27 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था.

कस्टम ड्यूटी और एमएनएफ दर्जा छिनने के बाद पाकिस्तानी कारोबारियों को अब ज्यादा आयात शुल्क दोना होगा. वहां के कारोबारियों का मुनाफा कम हो जाएगा. डब्ल्यूटीओ के सदस्य होने के नाते देश खुले व्यापार और बाज़ार से बंधे हैं, मगर एमएफएन के कायदों के तहत देशों को विशेष छूट दी जाती है.

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा प्रभाव
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्‍तान से आने वाला ड्यूटी फ्री सीमेंट के आयात पर भी असर पड़ सकता है. वहीं भारत, पाकिस्‍तान से कुल 19 प्रमुख उत्‍पादों का आयात करता है. इन उत्‍पादों में अमरूद, आम, अनानास, फ्रेबिक कॉटन, साइक्लिक हाइड्रोकॉर्बन, पेट्रोलियम गैस, पोर्टलैंड सीमेंट, कॉपर वेस्‍ट और स्‍क्रैप, कॉटन यॉर्न जैसे उत्‍पाद शामिल हैं.

शनिवार सुबह हुई सर्वदलीय बैठक के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्‍तान को दुनिया में अलग-थलग करने की कोशिशों के साथ पाकिस्‍तान को आर्थिक मोर्चे पर घेरना शुरू कर दिया है. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैठक में सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस वापस लेने का फैसला किया है.

एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्‍तान से एमएफएन का दर्जा छीने से आर्थिक तौर पर पाकिस्‍तान को कोई खास नुकसान नहीं होगा. लेकिन, इससे पाकिस्‍तान और दुनिया को सख्‍त संदेश जाएगा कि भारत आतंकवाद पर कठोर कदम अपना रहा है.

क्या होता है मोस्ट फेवर्ड नेशन?
इसका मतलब होता है कि हम आपके साथ जितना संबंध रखेंगे, उतना किसी और देश के साथ नहीं रखेंगे. विश्‍व व्‍यापार संगठन (डब्‍ल्‍यूटीओ) के सदस्‍य के तौर पर हर देश को एक-दूसरे को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देना होता है. भारत ने 1996 में पाकिस्‍तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था.

अब क्या होगा
उदयोग चैंबर एसोचैम के मुताबिक पाकिस्‍तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देने से दोनों देशों के बीच कारोबार पर खास फर्क नहीं पड़ा. दोनों देशों के बीच कारोबार अब भी बेहद कम है. 2015-16 में भारत का कुल व्‍यापार 641 अरब डॉलर रहा है.

वहीं पाकिस्‍तान के साथ व्‍यापार मात्र 2.67 अरब डॉलर रहा. पाकिस्‍तान को भारत का निर्यात मात्र 2.17 अरब डॉलर रहा. भारत के कुल निर्यात में यह मात्र 0.83 फीसदी. वहीं पाकिस्‍तान से भारत का आयात 50 करोड़ डॉलर से भी कम है. यह भारत के कुल आयात का 0.13 फीसदी है.

Durgesh Gupta

Chief Editor

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