बाल यौन अपराध मामलो में म.प्र. अब्बल,16 वर्ष में 865 फीसदी बढ़ोतरी

भोपाल: बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अपहरण, खुदकुशी और ज्यादती जैसे अपराधों में 16 साल के भीतर 865 फीसदी इजाफा हुआ है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े बताते हैं

कि मप्र में ही साल 2001 में ऐसी 1425 वारदात हुई थीं, जो 2016 में बढ़कर 13746 हो गई हैं। यानी देश में बच्चों के खिलाफ इन 16 सालों में दर्ज हुए अपराधों में सबसे ज्यादा 16 फीसदी अपराध (95324) केवल मप्र में ही दर्ज किए गए हैं।

राजधानी में रोजाना एक बच्चा अगवा

रिपोर्ट बताती है कि इन 16 सालों में देशभर में 249383 बच्चे अगवा कर लिए गए। इसमें 9.4 फीसदी यानी 23563 बच्चे मप्र में अगवा किए गए हैं। एससीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि 2015 में भोपाल में 448 बच्चों को अगवा कर लिया गया। यानी यहां से रोजाना एक बच्चा अगवा हुआ है।

अदालतों में लंबित बच्चों से जुड़े अपराध

प्रदेश में 2001 में बच्चों के प्रति अपराध जुड़े 2065 मामले अदालत में परीक्षण के लिए लंबित थे। 2016 में ये आंकड़ा बढ़कर 31392 हो गया। यानी इन 16 साल में बच्चों से केवल अपराध ही नहीं बढ़े बल्कि लंबित प्रकरणों में ही 1420 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2016 में एक साल के भीतर 5444 मामलों में केवल तीस फीसदी यानी 1642 को ही सजा सुनाई जा सकी।

संस्था ने 16 साल के आंकड़े इकट्ठा किए

– अपराधों से जुड़े आंकड़ों को लेकर अमूमन दो या पांच साल का विश्लेषण किया जाता रहा है। प्रदेश में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध के मद्देनजर सामाजिक शोध संस्था विकास संवाद ने 16 साल के आंकड़े इकट्ठा किए।एनसीआरबी द्वारा जारी हुए इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर हैरान कर देने वाले परिणाम सामने आए।

– संस्था के डायरेक्टर सचिन जैन का कहना है कि बाल संरक्षण की ओर सरकार को और ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए न केवल सरकार बल्कि सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ नागरिकों को भी आगे आना होगा।

साभार दैनिक भास्कर

Durgesh Gupta

Chief Editor

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