MP: कांग्रेस में शामिल हुए भाजपा के दिग्गज नेता रामकृष्ण कुसमरिया , बोले बीजेपी ने किया कंस की तरह व्यव्हार

मध्यप्रदेश |शिवराज सरकार में कृषि मंत्री रहे और संघ के खांटी स्वयंसेवक रामकृष्ण कुसमरिया शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए . विधानसभा चुनाव के बाद से ही उनका झुकाव कांग्रेस की तरफ था, वहीं पिछले दिनों उन्होंने इसको लेकर संकेत भी दिए थे और लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान भी किया था| 

अब जब कुसमरिया कांग्रेस का हिस्सा बनने जा रहे हैं तो बुंदेलखंड किसी सीट से उनका चुनाव लड़ना भी तय माना जा रहा है| 

कुसमरिया ने अपने साथ 15 हजार कार्यकर्ताओं को भी बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शाम‍िल कराया. राहुल गांधी ने सभा की शुरूआत में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए रामकृष्ण कुसमरिया को संबोधन के लिए बुलाया. कुसमरिया ने अपने संबोधन में भाजपा पर जमकर हमला बोला. कुसमरिया ने कहा कि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं रहा, इसलिए पार्टी छोड़ने का फैसला किया गया है. कांग्रेस का वचन पत्र देखकर लगा कि अब अच्छे दिन आएंगे.

इससे पहले कई द‍िनों से चर्चा चल रही थी क‍ि बीजेपी के पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया कांग्रेस की सदस्यता लेंगे. बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़े कुसमरिया प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री कमलनाथ के संपर्क में थे. हाल के मेल-मिलाप से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे 8 फरवरी को भोपाल आ रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष पार्टी की सदस्यता लेंगे.

अब जब उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम ल‍िया है तो यह बुंदेलखंड की राजनीति में यह एक बड़ा फेरबदल माना जा रहा है. खुद कुसमरिया का कहना था कि कांग्रेस में जाने के लिए कार्यकर्ताओं की राय ली है. जो पार्टी टिकट देगी उसके लिए वे लड़ेंगे.

लोकसभा चुनाव के रास्ते संसद में पहुंचने का सपना

कुसमरिया के कांग्रेस में आने के बाद उन्हें बुंदेलखंड की किसी लोकसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में उतारा जा सकता है. उनका सागर, दमोह, पथरिया, छतरपुर, खजुराहो व पन्ना सामाजिक स्तर पर अच्छा-खासा वर्चस्व है. उन्होंने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में दमोह व पथरिया सीट निर्दलीय चुनाव लड़ा. वे खुद जीत तो दर्ज नहीं कर सके, लेकिन इन दोनों सीटों से भाजपा की जीत छीन ली. दमोह से पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को हार का सामना करना पड़ा. इन दो सीटों को गंवाने के बाद भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं आ सकी.

Durgesh Gupta

Chief Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *